चाचा बड़े जालिम हो तुम compleet

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raj..
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Re: चाचा बड़े जालिम हो तुम

Unread post by raj.. » 01 Nov 2014 16:58



रज़िया को झुकाते उसकी गांद फैलाते लंड गांद पे रखते हरी बोला, "ओह मेरी रंडी बेटी, यह लॉडा भगवान ने तेरी जैसी गर्म रांड के आगे पीछे और मूह मे डालने के लिए ही बनाया है. देख अब तेरी गंद मे लॉडा जाएगा तो चूत को शांत करने के लिए उसमे उंगली करूँगा, क्या तू नही चाहती हरी चाचा का लॅंडा तेरी चूत और गंद को चोद्के तुझे खुशी दे? तेरी जैसी सख़्त औरत सही मे देखी नही, लगता है तेरे मिया ने तेरा ज़्यादा मस्ती से जिस्म नही मसला है और ना ही बेरहमी से चोदा है तुझे इसलिए अभी तेरे मम्मे ढीले नही हुए और चूत अभी काली नही पड़ी. तुझे और बेचैन करके रंडी जैसी अदाए करवाने की लिए ही तो इतना मसला पर बेटी अब तू भी जवानी के मज़े ले मुझसे.”


अपनी गांद के छेद पे हरी का लंड मसलके लेते पूरा मज़ा ले रही थी. उसे पता था कि जो लंड चूत फाड़नेवाला है वो गांद की क्या हालत करेगा? पर फिर भी अपनी गंद लंड पे रगड़ते रज़िया बोली, "चाचा, आज पहली बार मैं इतनी गर्म होके लंड , चूत, गंद और चुदाई जैसे शब्द इस्टामाल कर रही हूँ. मुझे पता है कि यह शब्द मेरे मूह से शोभा नही देते पर आपकी हर्कतो से आज मैं बेशर्म होके सब बोल रही हूँ." हरी इस बीच अपना सिर रज़िया की बगल से आगे करते उसका एक निपल चूसने लगा तो रज़िया बोली, "चाचा, आप जैसे हर हिंदू मर्द को मुसलमान औरत क्यों पसंद आती है? ऐसा क्यों मुझे पता नही चला आज तक. आप लोगो की औरते कितनी खूबसूरत और नाज़ुक होती है. कितनी शर्म और हया संभालते रहती है, कितनी सॉफ सुथरी रहती है.हम लोगो मे भी लड़किया अच्छी होती है पर घर का मर्द हर लड़की को चोद्ता है,आपको पता है हम लोगो मे सगे भाई बेहन को छोड़के कोई भी रिश्ते मे निकाह हो सकता है.हमारी लड़किया पर्दे मे रहती है पर घर के मर्द उन्हे चोद्ते है इसलिए उसका जिस्म ढीला पड़ता है. यह अलग बात है कि रहमान के बाद आज आप पहले मर्द हो जिसके सामने नंगी हुई हूँ मैं. और चाचा, हमारी लड़कियो मैं शर्म नही होती जैसे आप लोगो मे है फिर भी आप लोग हमे चोदने क्यों बेकरार होते है?"


रज़िया का मम्मा चुस्के छोड़ते हरी अब उसकी कमर पकड़ते लंड गांद के छेद पे दबाते बोला, "रज़िया बेटी, तू हरी चाचा की रांड़ बनने जा रही है तो ये शब्द होने हीचाहिए ही तेरे मूह मे. एक हिंदू मर्द के हाथ नंगी होना शोभा देता है पर क्या चूत गंद चुदाई बोलना शोभा नही देता? जो लॉडा, चूत भगवान ने बनाए है उसने ही यह शब्द बनाए है तो गंदे कैसे होंगे? हां पर इन्हे तू सिर्फ़ किसी मर्द के हाथो नंगी होके चुदवाते वक़्त ही इस्तामाल करना. बेटी हमारी लड़किया ऐसी होती है पर वो इतनी शरमाती है कि खड़ा लंड सो जाता है. अब तुझे ही देख, 10-15 दिन मे ही तू आज रंडी जैसा बेशर्मी से मेरे हाथो नंगी होके चुदवाने तय्यार हुई. हमारी लड़किया इतना नाटक करती है कि उनसे जल्दी उनकी मा को पटा के हम चोद सकते है इसलिए मेरे जैसे हिंदू को तेरी जैसी हरामी मुसलमान लड़किया चोदने मेबड़ा मज़ा आता है. "


गांद पे बढ़ते लंड के दबाव से डरते रज़िया कुछ सोचके अपने आप को हरी की गिरफ़्त से छुड़ाते बोली, "चाचा पहले प्लीज़ चूत की आग बुझाओ ना. अभी तो गंद मे कुछ हुआ भी नही. अब जब चूत की आग बुझेगी तो तब फिर गांद की आग भड़क जाएगी. फिर ज़्यादा मज़ा आएगा और फिर मैं आपका लॉडा अंदर खुद ही डलवा दूँगी. पर पहले मेरी छाती और चूत की तो पूरी खातिर होने दो. या चाचा यह कह दो कि आपको मेरी चूत और मम्मो मे मज़ा नही आता?"


रज़िया की रिक्वेस्ट हरी अनसुनी करता है क्योकि उसे रज़िया के मुहसे सुनना है कि रज़िया को हरी से बच्चा चाहिए इसलिए रज़िया हरी के सामने नंगी होके चुदवाने तय्यार हुई. फिर लंड रज़िया की मस्त गांद पे रगड़ते हरी बोला," नही बेटी, हिंदू मर्द मुसलमान औरत की गांद पहले मारके उसे अपनी कुतिया बनाता है जिससे वो हमेशा उसके सामने झुकी रहे. तेरी गांद चोद्ते वक़्त भी देख कैसे तेरे मम्मे और चूत की खातिरदारी करता हूँ. चल तय्यार हो जा गांद मरवाने को."

raj..
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Re: चाचा बड़े जालिम हो तुम

Unread post by raj.. » 01 Nov 2014 16:59


पर रज़िया ने कैसे भी अपने आप को छुड़ाके नीचे बैठके हरी का लंड चूमते हुए कहा, "चाचा प्लीज़, पहले चूत की आग शांत करो मेरी. इतने सालो से आज सही ढंग से चूत की आग भड़की है और सामने इतना तगड़ा लंड है तो पहले चूत चुदवाने की बड़ी तमन्ना है मेरी. चाचा इतने तने हुए लॉडा से मेरी चूत चोद्के उसे पाक होने दो. मुझे पता है इसमे से इतना रस बहेगा कि मेरी ज़िंदगी भर की प्यास बुझेगी. प्लीज़ चाचा आज इस रस से मेरी चूत को भर दो तो मेरे बच्चा होगा और फिर प्रेग्नेंट होने के बाद तो आप जब भी चोदने आओगे तब आप मेरी गांद मे यह मूसल जैसा लॉडा घुसाके मेरी गांद की ही खेती करना."


हरी खुश होके रज़िया के मम्मे मसल्ते 2 उंगलिया चूत मे डालते बोला, "आह साली मदरचोड़ रंडी बेटी, अब आई ना असलियत पे. तेरी मा को चोदु रंडी, तू इसलिए मेरे हाथ नंगी हुई कि तुझे बच्चा चाहिए है ना? साली तेरी मा को कुत्ते चोदे मदरचोड़ मुझे यह पता था पर तेरे मूह से सुनना था इसलिए तुझे इतना हैरान किया.तेरे मिया मे दम नही ना रज़िया तुझे बच्चा देने का, है ना रंडी?साली जब कभी तेरे मिया का लॉडा चूत मे घुसके झड़ता था तब भी तू मा नही बन सकी इसका मतलब यह भी है कि तेरे मिया के रस मे ताक़त नही तुझे मा बनाने की. अब देखमैं तुझे चोदुन्गा तो कैसे 9 महीनो मे मा बनेगी तू. मदरचोड़ साली तुझे मा बनाउन्गा तो मुझे क्या देगी?"


हरी रज़िया को बिस्तर पे सुलाके उसके टाँगो को फैलक़े उसमे बैठता है. नंगी लेटी रज़िया की हाथ मे उसने अपना लंड दिया. बेशर्म रज़िया बड़े प्यार से उस लंड को अपनी चूत पे रखते बोली, "ओह चाचा, कितनी गलिया दे रहे हो? अब सच बोलना पाप है क्या चाचा? वो जाने दो पर चाचा मेरे पास देने लायक जो चीज़ है वो दे रही हूँ आपको, मेरी यह चूत और गंद. और बोलो क्या चाहिए? पहले चूत चोद्के मुझे प्रेग्नेंट बनाओ और जब मैं पेट से रहूंगी तब मेरी गंद का दरवाज़ा दूँगी और जब मा बनूँगी तो तुम्हे हर रोज़ मेरा दूध पिलायुंगी, और क्या चाहाए? और एक बात सच्ची बताना चाचा, आप जो मेरे जिस्म पे इतनी मेहनत करोगे तो क्या इस सारी मेहनत मुशक्कत के बाद मेरे जिस्म से यह सख्ती नही जाएगी ना?"


हरी लंड चूत पे दबाता है. रज़िया की चूत धीरे धीरेओपन होके उसमे लंड की टोपी अंदर घुसती है. जैसे ही टोपी घुसी हरी बोला, "आह, बहनचोड़ रंडी, मुझे तेरी जैसी हरामी मुसलमान औरत का दूध पीने मे मज़ा आएगा. ठीक है रंडी बेटी, अब तुझे पहले बच्चे दूँगा और फिर तेरा पिछवाड़ा खोल दूँगा अपने लॉड से. और बेटी सुन, जब मैं तेरे जिस्म पे मेहनत करूँगा, इस बड़े लॉड से चूत और गांद मारूँगा, इतने रफ हाथो से मम्मे मसलके चुसूंगा तो थोड़ी सख्ती तो जाएगी पर तू डाइयेटिंग करके सख्ती फिर ला सकती है."


ज़िंदगी मे पहले बार चूत इतनी फैलने से रज़िया दर्द से चिल्लाते बोली, "अहह माआआआअ माआअरररर दियाआ मेरे को कक्चहाआकचाअ. उफफफ्फ़ कितना तगड़ा है, पर कोई बात नही, आज जान भी जाए पर मैं यह लंड ले लूँगी चाचा. उफ़फ्फ़ आहह कोई बीच का रास्ता निकालो कि यह सख्ती, निपल का गुलाबीपन और यह चूत काली ना हो. भले ही यह पहले जैसा टाइट ना हो लेकिन उनका टाइटनेस और रंग खराब ना हो."

रज़िया का एक मम्मा चूस्ते दूसरा मस्ती से मसल्ते लंड और दबाते हरी रज़िया की टाइट चूत स्ट्रेच होके आधा लॉडा घुसाते बोला, "अफ तेरी मा की चूत, साली क्या टाइट चूत है तेरी रंडी. बड़ा मज़ा आएगा तुझे चोदने मदरचोड़. उम्म रज़िया साली क्या गर्म चूत है तेरी रंडी. तेरे जिस्म की सख्ती और रंग कायम रखने की तुझे कोई दवा दूँगा जिससे तेरी चूत का गुलाबी पन बरकरार रहे. अब बाकी बाते छोड़ चूत चुदवा ले रंडी."

raj..
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Re: चाचा बड़े जालिम हो तुम

Unread post by raj.. » 01 Nov 2014 16:59



हरी के अगले 2-3 धक्को को रज़िया अपनी कमर उठाके झेलती है जिससे अब पूरा लॉडा उसकी चूत मे घुस जाता है. हरी को कस्केजाकड़ ते वो बोली, "उफ़फ्फ़ माआ, क्याआ लॉडा है चाचा आपका, बहुत ही माज़ा आ रहा है मुझे. लगता है आज मेरी सुहागरात है असली मायने मे. पर चाचा ये मेरी मा की चूत और बदन नही, मेरी चूत और जिस्म है. थोड़ा धीरे - धीरे मसल्ते चोदो ना, नही तो बोहुत ही चौड़ी हो जाएगी. आअघहूंम्म....ओह्ह्ह, चहका क्या आप हर मुसलमान औरत को इसी तरह चोद्ते हो? ऊओ माआ मेरा मतलब उनकी चूत को इसी तरह निखारते हो...आअगघह चाचा देदो अपना लॉडा मेरी गर्म चूत को, चोदो और चोदो इसे."
क्रमशः.......