बात एक रात की compleet

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rajaarkey
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Re: बात एक रात की

Unread post by rajaarkey » 11 Dec 2014 04:21

raj sharma stories

बात एक रात की-- 43

गतान्क से आगे...........

नरेश की चौहान को देखते ही फूँक सरक गयी. सोनिया की तो हालत ही पतली हो गयी.

"ये कौन है सोनिया जी." चौहान ने पूछा.

"ये मेरे पति के दोस्त है." सोनिया ने किसी तरह हिम्मत जुटा कर कहा.

"क्या नाम है तुम्हारा?" चौहान ने पूछा.

"जी नरेश." नरेश ने जवाब दिया.

"अच्छा...आपके पति कहा हैं...उन्हे बुलाओ." चौहान ने सोनिया से कहा.

"वो किसी काम से बाहर गये हैं...कल शाम को लोटेंगे." सोनिया ने कहा.

"वाह भाई वाह मिया घर नही आपको किसी का डर नही...मस्ती हो रही है पति की पीठ पीछे हा....हा...हा...हा" चौहान हस्ने लगता है.

नरेश फ़ौरन बेडरूम में जाकर कपड़े पहनकर बाहर आता है और कहता है, "थॅंक यू सोनिया जो तुमने मुझे कल रात यहाँ रुकने दिया...अब मैं चलता हूँ....बाद में मिलते हैं."

"ठीक है...कुछ खा कर जाते तो अच्छा था." सोनिया ने कहा.

"नही अभी लेट हो रहा हूँ...मैं चलता हूँ." नरेश वहाँ से चला जाता है.

"क्या नाटक कर रहे हो मेरे सामने." चौहान ने कहा.

"ये नाटक नही है...वो मेरे पति का बहुत अच्छा दोस्त है. कल देर रात मुंबई से आया था. उसे नही पता था कि मेरे पति घर पे नही है. मैने उसे यही सोने के लिए अपना बेडरूम दे दिया."

"आप भी अपने बेडरूम में ही सोई." चौहान ने कहा.

"आप जो जान-ना चाहते हैं वो पूछिए मेरी निजी जिंदगी से आपको कोई मतलब नही होना चाहिए."

"मतलब निकल आता है सोनिया जी...कभी भी कही भी कोई मतलब निकल सकता है."

"आप क्या जान-ना चाहते हैं मुझसे." सोनिया ने कहा.

"एक गिलास पानी मिलेगा पहले बहुत प्यास लगी है." चौहान ने कहा.

सोनिया ने चौहान को घूर के देखा और बोली,"अभी लाती हूँ."

सोनिया किचन की तरफ बढ़ती है. चौहान सोनिया को जाते हुए देखता है. उसकी नज़रे सोनिया की चलकती गान्ड पर पड़ती है और वही फिक्स हो जाती है.

"उफ्फ व्हाट आ शेकिंग बट शी हॅज़...गुड वन."

सोनिया पानी लाती है. इस बार चौहान सोनिया के फ्रंट का नज़ारा लेता है. सोनिया जब हाथ में पानी की ट्रे लिए आगे बढ़ रही थी तो उसके बूब्स उपर नीचे छलक रहे थे. दरअसल जल्दबाज़ी में सोनिया ब्रा पहन-ना भूल गयी थी...जिसके कारण उसके फ्री बूब्स कुछ ज़्यादा ही उछल रहे थे.

"उफ्फ व्हाट आ जंपिंग टिट्स शी हॅज़...गुड वन." चौहान ने कहा.

"लीजिए पानी पीजिए." सोनिया ने कहा.

"सब कुछ ऐसे ही हिलता है क्या यहाँ.?"

"क्या हिलता है...मैं कुछ समझी नही." सोनिया ने कहा.

"ओह रहने दीजिए आपकी समझ में नही आएगा...अच्छा ये बताए कि आपके भाई ने पद्‍मिनी अरोरा के खिलाफ झूठी गवाही क्यों दी...क्या दुश्मनी थी सुरिंदर की पद्‍मिनी से."

"वो सब मुझे नही पता...मेरी इस बारे में ज़्यादा बात नही हुई सुरिंदर से."

"कुछ तो मालूम होगा आपको. देखिए सुरिंदर ने ये सब किसी के कहने पे किया है. क्या आप हमें बता सकती हैं कि कौन ऐसा शक्स है जो सुरिंदर से ये काम करवा सकता है."

"देखिए मैं सच कह रही हूँ...मुझे इस बारे में कुछ नही पता. आप अपना वक्त बर्बाद कर रहे हैं."

"अच्छा एक काम कीजिए मुझे सुरिंदर के सभी दोस्तो के नाम पते दे दीजिए...शायद कुछ बात बन जाए."

"देखिए मैं उसके सभी दोस्तो को नही जानती...कुछ का मुझे पता है लेकिन उनके भी अड्रेस मेरे पास नही हैं."

"सुरिंदर का किसी लड़की से अफेर था क्या."

"मेरी जानकारी में तो नही था" सोनिया ने कहा.

"ह्म्म...लेकिन आपका अफेर अच्छा चल रहा है क्यों...क्या आपके पति से बात हो सकती है अभी."

"किस बारे में?"

"जान-ना चाहता हूँ कि ये नरेश उनका कितना अच्छा दोस्त है."

"उसका आपके केस से क्या लेना देना."

"लेना देना है सोनिया जी आप नही समझेंगी...चलिए आज नही तो कल बात कर लेंगे उनसे."

"देखिए आप नरेश के बारे में उनसे कुछ ना कहे उन्हे बुरा लगेगा. मैने उनसे पूछे बिना नरेश को यहाँ रोक लिया था."

"अच्छा ऐसा है क्या...कहीं उनसे पूछे बिना कुछ और तो नही किया आपने, नरेश के लिए?"चौहान ने शरारती अंदाज़ में पूछा.

"मैं समझी नही आपका मतलब." सोनिया ने कहा.

"जैसे कि कही आप नरेश के उपर तो नही चढ़ि या फिर कही नरेश तो आपके उपर नही चढ़ा....हे..हे..हे...ऐसा ही कुछ कुछ"

"कैसी बाते करते हैं आप...नही ऐसा कुछ नही था."

"फिर आपके पति से बात करने में क्या हर्ज़ है...मैं कल शाम को आउन्गा." चौहान सोफे से उठ जाता है.

सोनिया भी फ़ौरन उठ जाती है. "देखिए आप उनसे मिलिए ज़रूर लेकिन नरेश के बारे में कुछ ना बोले तो सही रहेगा. आप नही जानते वो बहुत शक्की किस्म के हैं. बेकार में मेरी शादी शुदा जिंदगी में दिक्कत आ जाएगी."

क्रमशः...............

BAAT EK RAAT KI-- 43

gataank se aage...........

Naresh ki chouhaan ko dekhte hi phoonk sarak gayi. Soniya ki to haalat hi patli ho gayi.

"ye kaun hai soniya ji." chouhaan ne pucha.

"ye mere pati ke dost hai." soniya ne kisi tarah himmat juta kar kaha.

"kya naam hai tumhaara?" chouhaan ne pucha.

"ji naresh." naresh ne jawaab diya.

"achcha...aapke pati kaha hain...unhe bulaao." chouhaan ne soniya se kaha.

"vo kisi kaam se baahar gaye hain...kal shaam ko lotenge." soniya ne kaha.

"waah bhai vaah miya ghar nahi aapko kisi ka dar nahi...masti ho rahi hai pati ki peeth peeche huh....ha...ha...ha" chouhaan hasne lagta hai.

Naresh fauran bedroom mein jaakar kapde pahankar baahar aata hai aur kahta hai, "thank you soniya jo tumne mujhe kal raat yahan rukne diya...ab main chalta hun....baad mein milte hain."

"theek hai...kuch kha kar jaate to achcha tha." soniya ne kaha.

"nahi abhi late ho raha hun...main chalta hun." naresh vahaan se chala jaata hai.

"kya naatak kar rahe ho mere saamne." chouhaan ne kaha.

"ye naatak nahi hai...vo mere pati ka bahut achcha dost hai. Kal der raat mumbai se aaya tha. Use nahi pata tha ki mere pati ghar pe nahi hai. Maine use yahi sone ke liye apna bedroom de diya."

"aap bhi apne bedroom mein hi shoyi." chouhaan ne kaha.

"aap jo jaan-na chaahte hain vo puchiye meri niji jindagi se aapko koyi matlab nahi hona chaahiye."

"matlab nikal aata hai soniya ji...kabhi bhi kahi bhi koyi matlab nikal sakta hai."

"aap kya jaan-na chaahte hain mujhse." soniya ne kaha.

"ek gilas pani milega pahle bahut pyas lagi hai." chouhaan ne kaha.

Soniya ne chouhaan ko ghur ke dekha aur boli,"abhi laati hun."

soniya kitchen ki taraf badhti hai. Chouhaan soniya ko jaate hue dekhta hai. Uski nazre soniya ki chalakti gaanD par padti hai aur vahi fix ho jaati hai.

"uff what a shaking butt she has...good one."

soniya pani laati hai. Is baar chouhaan soniya ke front ka nazaara leta hai. Soniya jab haath mein pani ki tray liye aage badh rahi thi to uske boobs upar neeche chalak rahe the. Darasal jaldbaaji mein soniya bra pahan-na bhool gayi thi...jiske kaaran uske free boobs kuch jyaada hi uchal rahe the.

"uff what a jumping tits she has...good one." chouhaan ne kaha.

"lijiye pani pijiye." soniya ne kaha.

"sab kuch aise hi hilta hai kya yahan.?"

"kya hilta hai...main kuch samjhi nahi." soniya ne kaha.

"oh rahne dijiye aapki samajh mein nahi aayega...achcha ye bataaye ki aapke bhai ne padmini arora ke khilaaf jhuthi gavaahi kyon di...kya dusmani thi surinder ki padmini se."

"vo sab mujhe nahi pata...meri is baare mein jyada baat nahi hui surinder se."

"kuch to maalum hoga aapko. Dekhiye surinder ne ye sab kisi ke kahne pe kiya hai. Kya aap hamein bata sakti hain ki kaun aisa shaks hai jo surinder se ye kaam karva sakta hai."

"dekhiye main sach kah rahi hun...mujhe is baare mein kuch nahi pata. Aap apna vakt barbaad kar rahe hain."

"achcha ek kaam kijiye mujhe surinder ke sabhi dosto ke naam pate de dijiye...shaayad kuch baat ban jaaye."

"dekhiye main uske sabhi dosto ko nahi jaanti...kuch ka mujhe pata hai lekin unke bhi address mere paas nahi hain."

"surinder ka kisi ladki se affair tha kya."

"meri jaankaari mein to nahi tha" soniya ne kaha.

"hmm...lekin aapka affair achcha chal raha hai kyon...kya aapke pati se baat ho sakti hai abhi."

"kis baare mein?"

"jaan-na chaahta hun ki ye naresh unka kitna achcha dost hai."

"uska aapke case se kya lena dena."

"lena dena hai soniya ji aap nahi samjhengi...chaliye aaj nahi to kal baat kar lenge unse."

"dekhiye aap naresh ke baare mein unse kuch na kahe unhe bura lagega. Maine unse puche bina naresh ko yahan rok liya tha."

"achcha aisa hai kya...kahin unse puche bina kuch aur to nahi kiya aapne, naresh ke liye?"chouhaan ne sharaarti andaaz mein pucha.

"main samjhi nahi aapka matlab." soniya ne kaha.

"jaise ki kahi aap naresh ke upar to nahi chadhi ya phir kahi naresh to aapke upar nahi chadha....he..he..he...aisa hi kuch kuch"

"kaisi baate karte hain aap...nahi aisa kuch nahi tha."

"phir aapke pati se baat karne mein kya harz hai...main kal shaam ko aaunga." chouhaan sofe se uth jaata hai.

Soniya bhi fauran uth jaati hai. "dekhiye aap unse miliye jaroor lekin naresh ke baare mein kuch na bole to sahi rahega. Aap nahi jaante vo bahut shakki kism ke hain. Bekaar mein meri shaadi shuda jindagi mein dikkat aa jaayegi."

kramashah...............


rajaarkey
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Re: बात एक रात की

Unread post by rajaarkey » 11 Dec 2014 04:22

raj sharma stories

बात एक रात की-- 44

गतान्क से आगे...........

चौहान सोनिया के पास आता है और उसकी मखमली गान्ड पर हाथ रख कर बोलता है, "सच बोलोगि तो मैं तुम्हारे पति से कोई बात नही कारूगा. कितनी बार ठोका नरेश ने तुझे कल रात."

"आप ये क्या बोल रहे हैं.? ऐसा कुछ नही है."

चौहान सोनिया की गान्ड से हाथ हटा लेता है और चलने लगता है, "ठीक है फिर कल शाम को तुम्हारे पति को सब कुछ बताया जाएगा."

"नही रुकिये...एक बार." सोनिया ने अपनी नज़रे झुका कर कहा.

"बस एक बार...इतनी मदमस्त जवानी को तो सारी रात ठोकना था...बेवकूफ़ है ये नरेश."

चौहान वापिस सोनिया के पास आया और फिर से उसकी गान्ड पर हाथ रखा. इस बार वो हाथ से गान्ड के पुतो को सहलाने लगा.

"मज़ा आया था तुझे."

"हाथ हटा लो प्लीज़."

"जो पूछ रहा हूँ उसका जवाब दे."

"हां आया था."

"गुड...और मज़ा लेना चाहोगी."

"हाथ हटा लीजिए."

"क्यों अच्छा नही लग रहा तुम्हे. ऐसी मखमली गान्ड पर तो खूब हाथ फिराने चाहिए और तुझे खूब मज़े लेने चाहिए."

सोनिया चौहान का हाथ पकड़ कर अपनी गान्ड से हटा देती है और कहती है, "कल शाम को मेरे पति से मिल लेना."

"वो तो मिलूँगा ही...तुमने मेरे सवाल का जवाब नही दिया. और मज़ा लेना चाहोगी क्या?"

सोनिया किसी गहरी सोच में डूब गयी. चौहान खड़े खड़े सोनिया के जवाब का इंतजार करता रहा.

……………………………………………………….

राज शर्मा मोबाइल ऑपरेटर रोडफोने के ऑफीस से उस मोबाइल नंबर की सारी डीटेल्स निकलवाता है.

"सर इस नंबर में जिन जिन जगह से पैसे डलवाए गये हैं वो सारी डीटेल इस पेज में है."

"ओह थॅंक यू, शायद इस से काम बन जाएगा"

"माइ प्लेषर सर."

राज शर्मा रोडफोने के ऑफीस से बाहर आता है और उस पेज को ध्यान से देखता है,

"ह्म्म मॅग्ज़िमम टाइम एक ही वेंडर से पैसे डलवाए गये हैं. सबसे पहले इसे ही चेक करता हूँ." राज शर्मा सोचता है.

राज शर्मा जल्दी ही उस वेंडर के पास पहुँच जाता है. ये एक मेडिकल स्टोर था जहा पर की मोबाइल में टॉक टाइम भरने का काम भी होता था.

"एक्सक्यूस मी ये नंबर किसका है" राज शर्मा ने पूछा.

"आप नंबर ले कर घूम रहे हैं आपको पता होगा." स्टोर वाले ने कहा.

"देखो मैं पोलीस से हू. जल्दी इस नंबर के बारे में बताओ वरना..." राज शर्मा ने कहा.

"सॉरी सर पहले बताना था ना...ये नंबर उँ...अरे हां ये तो मोनिका जी का है."

"कौन मोनिका और कहा रहती है ये.?"

"कोई सीरीयस बात है क्या सर?"

"तुम उसका अड्रेस बताओ सीरीयस है या नही उस से तुम्हे क्या लेना देना."

"सॉरी सर वैसे ही पूछ रहा था. मोनिका जी का घर यही नज़दीक ही है. मैं आपको दिखा देता हूँ."

"ठीक है जल्दी चलो."

स्टोर वाला राज शर्मा के साथ चल कर राज शर्मा को मोनिका का घर दिखा देता है.

राज शर्मा डोर बेल बजाता है. मोनिका दरवाजा खोलती है.

"जी कहिए."

"क्या आप ही मोनिका हैं."

"हां क्यों? क्या काम है."

"आप ने मुझे पहचाना नही..."

"नही...कौन हैं आप. मैं आपको नही जानती"

"कुछ दिन पहले फोन पे बात हुई थी. आप ने सुरिंदर को फोन मिलाया था. ग़लती से मैने उठा लिया. आइ आम सब इनस्पेक्टर राज शर्मा . कुछ याद आया."

मोनिका के तो पाँव के नीचे से जैसे ज़मीन ही निकल गयी. लेकिन फिर भी वो बोली,"आप क्या कह रहे हैं मुझे कुछ समझ नही आ रहा."

"आप झूठ बोल कर अपनी ही दिक्कत बढ़ा रही हैं. पहले आपने मोबाइल सिम सहित जंगल में फेंक दिया और अब आप झूठ बोल रही हैं. इस सब से तो यही लगता है कि आप बहुत कुछ छुपा रही हैं. अगर आप यहाँ सच नही बताएँगी तो पोलीस स्टेशन में बताएँगी. सच तो आपको बोलना ही पड़ेगा. मर्ज़ी आपकी है."

मोनिका घबरा जाती है और बोलती है, "सर आप अंदर आईए"

"अंदर तो आ जाउन्गा पहले आप सच स्वीकार कीजिए."

"क्या चाहिए आपको मुझसे?"

"ये हुई ना बात...चलिए बैठ कर बात करते हैं." राज शर्मा ने कहा.

"आप कुछ लेंगे चाय...ठंडा." मोनिका ने पूछा.

"बस एक गिलास पानी दे दीजिए."

मोनिका पानी का गिलास लाती है. "आप काफ़ी यंग ऑफीसर हैं."

"हां बस अभी भरती हुआ हूँ...आप भी काफ़ी यंग हैं...आर यू मॅरीड." राज शर्मा ने कहा.

"यस आइ आम मॅरीड."

"आपके हज़्बेंड कहा हैं....जॉब पे गये होंगे शायद"

"हां...वो बाहर गये हैं."

"बाहर मतलब घर से बाहर या बाहर से बाहर."

"देल्ही गये हैं वो. उनके अक्सर टूर लगते रहते हैं."

"तभी आपने सुरिंदर के साथ एक्सट्रा मेरिटल रिश्ता बना लिया."

"उस बारे में मैं बात नही करना चाहती. आप काम की बात कीजिए."

"सॉरी अगर आपको बुरा लगा तो. मेरे मूह से वैसे ही निकल गया."

"इट्स ओके."

"आपने क्यों किया ऐसा. मोबाइल सिम सहित फेंक दिया. क्या डर था आपको."

क्रमशः...............

BAAT EK RAAT KI-- 44

gataank se aage...........

chouhaan soniya ke paas aata hai aur uski makhmali gaanD par haath rakh kar bolta hai, "sach bologi to main tumhaare pati se koyi baat nahi karooga. Kitni baar thoka naresh ne tujhe kal raat."

"aap ye kya bol rahe hain.? Aisa kuch nahi hai."

chouhaan soniya ki gaanD se haath hata leta hai aur chalne lagta hai, "theek hai phir kal shaam ko tumhaare pati ko sab kuch bataya jaayega."

"nahi rukiye...ek baar." soniya ne apni nazre jhuka kar kaha.

"bas ek baar...itni madmast jawaani ko to saari raat thokna tha...bevkoof hai ye naresh."

chouhaan vaapis soniya ke paas aaya aur phir se uski gaanD par haath rakha. Is baar vo haath se gaanD ke putho ko sahlaane laga.

"maja aaya tha tujhe."

"haath hata lo please."

"jo puch raha hun uska jawaab de."

"haan aaya tha."

"good...aur maja lena chaahogi."

"haath hata lijiye."

"kyon achcha nahi lag raha tumhe. Aisi makhmali gaanD par to khub haath phiraane chaahiye aur tujhe khub maje lene chaahiye."

soniya chouhaan ka haath pakad kar apni gaanD se hata deti hai aur kahti hai, "kal shaam ko mere pati se mil lena."

"vo to milunga hi...tumne mere sawaal ka jawaab nahi diya. Aur maja lena chaahogi kya?"

soniya kisi gahri soch mein dub gayi. Chouhaan khade khade soniya ke jawaab ka intjaar karta raha.

……………………………………………………….

Raj sharma mobie operator rodaphone ke office se us mobile no ki saari details nikalvaata hai.

"sir is number mein jin jin jagah se paise dalvaaye gaye hain vo saari detail is page mein hai."

"oh thank you, shaayad is se kaam ban jaayega"

"my pleasure sir."

Raj sharma rodaphone ke office se baahar aata hai aur us page ko dhyaan se dekhta hai,

"hmm maximum time ek hi vendor se paise dalvaaye gaye hain. Sabse pahle ise hi check karta hun." Raj sharma sochta hai.

Raj sharma jaldi hi us vendor ke paas pahunch jaata hai. Ye ek medical store tha jaha par ki mobile mein talk time bharne ka kaam bhi hota tha.

"excuse me ye number kiska hai" Raj sharma ne pucha.

"aap number le kar ghum rahe hain aapko pata hoga." store wale ne kaha.

"dekho main police se hu. Jaldi is number ke baare mein bataao varna..." Raj sharma ne kaha.

"sorry sir pahle bataana tha na...ye number um...arey haan ye to monika ji ka hai."

"kuan monika aur kaha rahti hai ye.?"

"koyi serious baat hai kya sir?"

"tum uska address bataao serious hai ya nahi us se tumhe kya lena dena."

"sorry sir vaise hi puch raha tha. Monika ji ka ghar yahi nazdeek hi hai. Main aapko dikha deta hun."

"theek hai jaldi chalo."

store wala Raj sharma ke saath chal kar Raj sharma ko monika ka ghar dikha deta hai.

Raj sharma door bell bajaata hai. Monika darvaaja kholti hai.

"ji kahiye."

"kya aap hi monika hain."

"haan kyon? Kya kaam hai."

"aap ne mujhe pahchaana nahi..."

"nahi...kaun hain aap. Main aapko nahi jaanti"

"kuch din pahle phone pe baat hui thi. Aap ne surinder ko phone milaaya tha. Galti se maine utha liya. I am sub inspector Raj sharma . Kuch yaad aaya."

monika ke to paanv ke neeche se jaise jamin hi nikal gayi. Lekin phir bhi vo boli,"aap kya kah rahe hain mujhe kuch samajh nahi aa raha."

"aap jhuth bol kar apni hi dikkat badha rahi hain. Pahle aapne mobile sim sahit jungle mein phenk diya aur ab aap jhuth bol rahi hain. Is sab se to yahi lagta hai ki aap bahut kuch chupa rahi hain. Agar aap yahan sach nahi bataayengi to police station mein bataayengi. Sach to aapko bolna hi padega. Marji aapki hai."

monika ghabra jaati hai aur bolti hai, "sir aap ander aaeeye"

"ander to aa jaaungaa pahle aap sach swikaar kijiye."

"kya chaahiye aapko mujhse?"

"ye hui na baat...chaliye baith kar baat karte hain." Raj sharma ne kaha.

"aap kuch lenge chaay...thanda." monika ne pucha.

"bas ek gilaas pani de dijiye."

monika pani ka gilaas laati hai. "aap kaafi young officer hain."

"haan bas abhi bharti hua hun...aap bhi kaafi young hain...are you married." Raj sharma ne kaha.

"yes I am married."

"aapke husband kaha hain....job pe gaye honge shaayad"

"haan...vo baahar gaye hain."

"baahar matlab ghar se baahar ya baahar se baahar."

"delhi gaye hain vo. Unke aksar tour lagte rahte hain."

"tabhi aapne surinder ke saath extra merital rishta bana liya."

"us baare mein main baat nahi karna chaahti. Aap kaam ki baat kijiye."

"sorry agar aapko bura laga to. Mere muh se vaise hi nikal gaya."

"its ok."

"aapne kyon kiya aisa. Mobile sim sahit fenk diya. Kya dar tha aapko."

kramashah...............


rajaarkey
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Re: बात एक रात की

Unread post by rajaarkey » 11 Dec 2014 04:22

raj sharma stories

बात एक रात की-- 45

गतान्क से आगे...........

"देखिए मैं किसी मुसीबत में नही फासना चाहती थी. आपसे फोन पर बात करने के बाद मुझे पता चला था कि सुरिंदर मर गया. अब मैं उस रात उसके साथ थी. मुझे डर लग रहा था कि मैं बेकार में मुसीबत में फँस जाउन्गि और मेरी बदनामी होगी. इसलिए मैने मोबाइल फेंक दिया था."

"देखिए साइको किल्लर बाहर में सारे आम घूम रहा है. आपको कुछ भी पता हो तो बता दो. मैं यकीन दिलाता हूँ आपको कि आपकी प्राइवसी का ध्यान रखा जाएगा."

"जब मैं सुरिंदर के घर में थी तो मुझे घर के पीछे कुछ आहट सुनाई दी थी. मैने इस बारे में सुरिंदर को बताया भी था. लेकिन उसने ध्यान नही दिया. सब कुछ मेरे जाने के बाद हुआ."

"क्या आपने किसी को देखा वहाँ."

"नही मैने बस दो पोलीस वालो को देखा था."

"वो बेचारे तो खुद मारे गये."

"हां...न्यूज़ पर देखा सब."

"आपको क्या लगता है. सुरिंदर ने झूठी गवाही क्यों दी पोलीस को."

"मुझे खुद यकीन नही था कि वो लड़की खूनी है. और वही हुआ भी. मैने सुरिंदर से इस बारे में पूछा था. लेकिन उसने यही कहा कि उसने खुद उस लड़की को खून करते देखा है. मैने और ज़्यादा इस बारे में उस से बात नही की."

"थॅंक यू वेरी मच मोनिका जी. अब मैं चलता हूँ."

"जो मुझे पता था बता दिया सर. प्लीज़ इस केस में मेरा नाम ना आए. मेरी शादी शुदा जिंदगी का सवाल है."

"मैं समझ रहा हूँ...आप बेफिकर रहें."

राज शर्मा उठ कर चल देता है. लेकिन दरवाजे पर आकर पाता है कि बाहर बहुत तेज बारिश हो रही है.

"उफ्फ मैं तो अपनी जीप भी पीछे छोड़ आया. बहुत तेज बारिश हो रही है."

"थोड़ी देर रुक जाइए आप."

"मैं तो रुक जाउन्गा लेकिन ऐसे मौसम में मैं कही बहक ना जाऊ...आप बहुत सुंदर हो."

मोनिका शर्मा जाती है और नज़रे झुका कर कहती है, मज़ाक मत कीजिए."

"मज़ाक नही कर रहा हूँ. आप सच में सुंदर हैं. ऐसे मौसम में कोई भी बहक जाएगा आपको देख के."

मोनिका हस्ने लगती है. "बस...बस आप तो फ्लर्ट कर रहे हैं."

यही दिक्कत है आदमी के मूह से निकला हर सच औरत को फ्लर्ट ही लगता है.

"आपने मेरा डर ही भगा दिया. अगर आपकी जगह कोई और पोलीस वाला आता तो मेरी जान निकल जाती अब तक. मैं वैसे ही कयि दिनो से परेशान थी इस बात को लेकर."

राज शर्मा मोनिका को बड़े प्यार से देखता है और कहता है, "मोनिका जी ये सच है कि मैं फ्लर्ट हूँ. आदत से थोड़ा मज़बूर हूँ. लेकिन ये बिल्कुल सच है कि आप बहुत ही क्यूट हो. सुरिंदर जैसे लोगो के हाथो में मत पड़ा कीजिए. देखिए ना कितनी बड़ी मक्कारी की है उसने पोलीस डेप्ट के साथ. सोच समझ कर दिल लगाया कीजिए."

"मेरा आगे से ऐसा कोई इरादा नही है. मुझे अपनी ग़लती का अहसास है."

"ऐसा ना कहिए मेरे जैसो का दिल टूट जाएगा." राज शर्मा की बात पर मोनिका शर्मा गयी.

"लगता है मेरा फ्लर्ट काम कर रहा है. आप तो मेरे जाल में फस्ति जा रही हैं." राज शर्मा ने हंसते हुए कहा.

"ऐसा कुछ नही है. आपको वेहम हो रहा है."

"आप मेरे चक्कर में मत फासना मेरा तो यही काम है"

"आप अपने खिलाफ ही बोल रहे हैं."

"आपको चेतावनी देना मेरा फ़र्ज़ है."

"यू आर वेरी इंट्रेस्टिंग पर्सन."

"आप ऐसी बाते करेंगी तो मेरा हॉंसला बढ़ेगा और फ्लर्ट करने का. कभी किसी को ऐसा मोका मत दीजिए."

"आप घबराओ मत आपका कोई चान्स नही है यहाँ."

"अच्छा ऐसा है क्या?" राज शर्मा कहता है और मोनिका की तरफ बढ़ता है. वो अपने होंठो पर जीभ फ़ीरा कर अपनी इंटेन्षन क्लियर कर देता है कि वो किस करने वाला है. ज़्यादा दूर नही थी मोनिका राज शर्मा से. बस दो कदम का फांसला था.

"आप क्या करने वाले हैं दूर रहिए." मोनिका पीछे कदम बढ़ाती है.

"चेक करना चाहता हूँ की मेरा चान्स है कि नही." राज शर्मा आगे बढ़ते हुए बोलता है.

मोनिका पीछे हटती चली जाती है और फाइनलि दीवार के सहारे खड़ी हो जाती है. राज शर्मा मोनिका की आँखो में देखता हुआ आगे बढ़ता रहता है. मोनिका के बिल्कुल पास पहुँच कर वो मोनिका के सर के दोनो तरफ देवार पर अपने हाथ रख लेता है और मोनिका की आँखो में झाँक कर देखता है.

"आप ये क्या कर रहे हैं." मोनिका शर्मा कर पूछती है.

राज शर्मा बिना कुछ कहे अपने होन्ट मोनिका के होंठो पर टिका देता है. मोनिका चुपचाप खड़ी रहती है. राज शर्मा उसके रश भरे होंठो को चूमता रहता है. अचानक वो हट जाता है और वापिस दरवाजे पर आ जाता है और बोलता है, "मेरा चान्स तो बहुत तगड़ा है. आप झूठ बोल रही थी."

मोनिका दिल पर हाथ रखे दीवार के सहारे खड़ी रहती है. उसकी साँसे बहुत तेज चल रही थी.

"उफ्फ ये बारिश तो रुकने का नाम ही नही ले रही. और तेज होती जा रही है. चाय ही पीला दीजिए थोड़ी, मौसम ठंडा हो रहा है" राज शर्मा ने कहा.

"लाती हूँ अभी आप वेट कीजिए...चीनी कितनी लेंगे."

"बहुत थोड़ी...आपके होंठो का मीठा रस पीकर बहुत मिठास भर गयी है दिल में."

मोनिका नज़रे झुका कर, शर्मा कर वहाँ से किचन की ओर चली जाती है.

"फँस चुकी है ये तो. पर रहने देता हूँ. उसे कही ये ना लगे कि मैं इस केस का दबाव बना कर फ्लर्ट कर रहा हूँ. ऐसे अच्छा नही लगेगा. रहने दो खुस अपनी जिंदगी में. मुझे लड़कियों की क्या कमी है. ये भी हो सकता है कि वो सिर्फ़ नाटक कर रही हो. आख़िर वो परेशान थी. यही ठीक रहेगा रहने देता हूँ इसके साथ. ऐसी बातो से पोलीस की बदनामी होती है."

बारिश बढ़ती ही जा रही थी और राज शर्मा दरवाजे पर खड़ा खड़ा कशमकश में खोया था.

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क्रमशः...............

BAAT EK RAAT KI-- 45

gataank se aage...........

"dekhiye main kisi musibat mein nahi phasna chaahti thi. Aapse phone par baat karne ke baad mujhe pata chala tha ki surinder mar gaya. Ab main us raat uske saath thi. Mujhe dar lag raha tha ki main bekaar mein musibat mein phans jaaungi aur meri badnaami hogi. Isliye maine mobile fenk diya tha."

"dekhiye psycho killer baahar mein sare aam ghum raha hai. Aapko kuch bhi pata ho to bata do. Main yakin dilaata hun aapko ki aapki privacy ka dhyaan rakha jaayega."

"jab main surinder ke ghar mein thi to mujhe ghar ke peeche kuch aahat sunaayi di thi. Maine is baare mein surinder ko bataaya bhi tha. Lekin usne dhyaan nahi diya. Sab kuch mere jaane ke baad hua."

"kya aapne kisi ko dekha vahaan."

"nahi maine bas do police walo ko dekha tha."

"vo bechaare to khud maare gaye."

"haan...news par dekha sab."

"aapko kya lagta hai. Surinder ne jhuthi gavaahi kyon di police ko."

"mujhe khud yakin nahi tha ki vo ladki khuni hai. Aur vahi hua bhi. Maine surinder se is baare mein pucha tha. Lekin usne yahi kaha ki usne khud us ladki ko khun karte dekha hai. Maine aur jyada is baare mein us se baat nahi ki."

"thank you very much monika ji. Ab main chalta hun."

"jo mujhe pata tha bata diya sir. Please is case mein mera naam na aaye. Meri shaadi shuda jindagi ka sawaal hai."

"main samajh raha hun...aap befikar rahein."

Raj sharma uth kar chal deta hai. Lekin darvaaje par aakar paata hai ki baahar bahut tej baarish ho rahi hai.

"uff main to apni jeep bhi peeche chod aaya. Bahut tej baarish ho rahi hai."

"thodi der ruk jaaiye aap."

"main to ruk jaaungaa lekin aise mausam mein main kahi bahak na jaaoo...aap bahut sundar ho."

monika sharma jaati hai aur nazre jhuka kar kahti hai, mazaak mat kijiye."

"mazaak nahi kar raha hun. Aap sach mein sundar hain. Aise mausam mein koyi bhi bahak jaayega aapko dekh ke."

monika hasne lagti hai. "bas...bas aap to flirt kar rahe hain."

yahi dikkat hai aadmi ke muh se nikla har sach aurat ko flirt hi lagta hai.

"aapne mera dar hi bhaga diya. Agar aapki jagah koyi aur police wala aata to meri jaan nikal jaati ab tak. Main vaise hi kayi dino se pareshaan thi is baat ko lekar."

Raj sharma monika ko bade pyar se dekhta hai aur kahta hai, "monika ji ye sach hai ki main flirt hun. Aadat se thoda mazboor hun. Lekin ye bilkul sach hai ki aap bahut hi cute ho. Surinder jaise logo ke haatho mein mat pada kijiye. Dekhiye na kitni badi makkaari ki hai usne police dept ke saath. Soch samajh kar dil lagaaya kijiye."

"mera aage se aisa koyi iraada nahi hai. Mujhe apni galti ka ahsaas hai."

"aisa na kahiye mere jaiso ka dil tut jaayega." Raj sharma ki baat par monika sharma gayi.

"lagta hai mera flirt kaam kar raha hai. Aap to mere jaal mein phasti ja rahi hain." Raj sharma ne hanste hue kaha.

"aisa kuch nahi hai. Aapko vahaanm ho raha hai."

"aap mere chakkar mein mat phasna mera to yahi kaam hai"

"aap apne khilaaf hi bol rahe hain."

"aapko chetaavni dena mera farz hai."

"you are very interesting person."

"aap aisi baate karengi to mera honsala badhega aur flirt karne ka. Kabhi kisi ko aisa moka mat dijiye."

"aap ghabraao mat aapka koyi chance nahi hai yahan."

"achcha aisa hai kya?" Raj sharma kahta hai aur monika ki taraf badhta hai. Vo apne hontho par jibh pheera kar apni intention clear kar deta hai ki vo kiss karne wala hai. Jyada dur nahi thi monika Raj sharma se. Bas do kadam ka phaansla tha.

"aap kya karne wale hain dur rahiye." monika peeche kadam badhaati hai.

"check karna chaahta hun ki mera chance hai ki nahi." Raj sharma aage badhte hue bolta hai.

Monika peeche hatati chali jaati hai aur finaly deevaar ke sahaare khadi ho jaati hai. Raj sharma monika ki aankho mein dekhta hua aage badhta rahta hai. Monika ke bilkul paas pahunch kar vo monika ke sar ke dono taraf dewaar par apne haath rakh leta hai aur monika ki aankho mein jhaank kar dekhta hai.

"aap ye kya kar rahe hain." monika sharma kar puchti hai.

Raj sharma bina kuch kahe apne hont monika ke hontho par tika deta hai. Monika chupchaap khadi rahti hai. Raj sharma uske rash bhare hontho ko chumta rahta hai. Achaanak vo hat jaata hai aur vaapis darvaaje par aa jaata hai aur bolta hai, "mera chance to bahut tagda hai. Aap jhuth bol rahi thi."

monika dil par haath rakhe diwaar ke sahaare khadi rahti hai. Uski saanse bahut tej chal rahi thi.

"uff ye baarish to rukne ka naam hi nahi le rahi. Aur tej hoti ja rahi hai. Chaay hi pila dijiye thodi, mausam thanda ho raha hai" Raj sharma ne kaha.

"laati hun abhi aap wait kijiye...cheeni kitni lenge."

"bahut thodi...aapke hontho ka meetha ras peekar bahut mithaas bhar gayi hai dil mein."

monika nzare jhuka kar, sharma kar vahaan se kitchen ki aur chali jaati hai.

"phans chuki hai ye to. Par rahne deta hun. Use kahi ye na lage ki main is case ka dabaav bana kar flirt kar raha hun. Aise achcha nahi lagega. Rahne do khus apni jindagi mein. Mujhe ladkiyon ki kya kami hai. Ye bhi ho sakta hai ki vo sirf naatak kar rahi ho. Aakhir vo pareshaan thi. Yahi theek rahega rahne deta hun iske saath. Aisi baato se police ki badnaami hoti hai."

baarish badhti hi ja rahi thi aur Raj sharma darvaaje par khada khada kashamkash mein khoya tha.

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kramashah...............