उपन्यास - ब्लैकहोल (संपूर्ण)Black Hole - Hindi horror, Novel

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Re: उपन्यास - ब्लैकहोल (संपूर्ण)Black Hole - Hindi horror, N

Unread post by novel » 16 Aug 2015 11:33

Inspirational thoughts -

It's kind of fun to do the impossible.

---Walt Disney


सुझान, डॅनियल, ब्रॅट और बाकि पुलिस कर्मचारी हवेलीसे बाहर आकर विस्फोट हूए कुंएके इर्दगिर्द इकठ्ठा हो गए थे. आश्चर्यकी वजहसे उनकी हरकते एकदम धीमी हो गई थी. यह क्या होगया ? और क्यों होगया ? सब उनके समझ के बाहर था. स्टेला और जाकोबको सुझान दिखतेही उनके चेहरे खुशीसे दमक उठे. वे धीरे धीरे सुझानकी तरफ जाने लगे. लेकिन सुझानका उनकी तरफ कहा खयाल था. उसकी ढूंढती हूई नजर आसपास पत्थरोंके ढेरोंपर जा रही थी.

'' सुझान...'' जाकोबने उसे आवाज दिया.

उसे अब वही उसका भाई है यह बतानेकी जल्दी हो गई थी.

लेकिन वह उसपर यकिन करेगी ?...

उसके मनमें आशंका उठी.

'' सुझान..'' जाकोबने फिरसे आवाज दिया.

लेकिन यह क्या ? सुझान कोई प्रतिक्रिया नही दिखा रही थी. मानो उसे उसका आवाज सुनाई नही दे रहा हो. स्टॆलाने और जाकोबने एकदुसरेकी तरफ असमंजसभरी निगाहोसे देखा.

'' सुझान ...'' अब स्टेलाने, और जोरसे आवाज दिया.

फिरभी सुझानपर उसका कोई असर नही दिख रहा था.

वे अब उसके और करीब गए. जाकोबने अपना हाथ उसके कंधेपर रख दिया. लेकिन आश्चर्य!. उसका हाथ उसके कंधेपर ना टीकते हूए निचे गिर गया. उसका हाथ मानो खोखला हो या उसका शरीर खोखला हो ऐसे उसका हाथ उसके शरीरमें जाकर बाहर आगया. एक बडा आश्चर्यका आघात हूवा हो ऐसे स्टेला और जाकोब एकदुसरेकी तरफ देखने लगे. स्टेलानेभी अपनी तरफसे सुझानका हाथ पकडनेकी कोशीश की, लेकिन उसके हाथमेंभी उसका हाथ नही आया.

फिरसे वे दोनों एक दुसरेकी तरफ विस्मय और आश्चर्यसे देखने लगे.

स्टेला सुझानकी तरफ मुडी और उसे फिरसे जोरसे आवाज देते हूए बुलाने लगी,

'' सुझान..''

''... तूम मुझे सुन रही हो ना ?''

सुझानपर उसके बुलानेका कोई असर नही दिख रहा था.

सुझान, डॅनियल, ब्रॅट और बाकि पुलिस कर्मचारी इधर उधर आश्चर्यसे देख रहे थे. वे मानो सबके सब स्टेला और जाकोबके वहांके उपस्थितीसे पुरी तरह अनभिज्ञ थे.

जाकोब अब डॅनियलकी तरफ गया और उसके सामने जाकर उसका रास्ता रोकते हूए खडा हो गया.

'' डॅनियल..'' जाकोबने उसे आवाज दिया.

'' तूम मुझे सुन रहे हो ना ''

लेकिन डॅनियल मानो जाकोबके वहांके अस्तित्वको नकारते हूए सामने सिधा चलने लगा. और क्या आश्चर्य उसे चलते हूए जाकोबकी कोई बाधा या अवरोध ना होते हूए वह सिधा उसके शरीरसे होते हूए दुसरी तरफ आगे निकल गया. लेकिन जाकोब अपनी कोशीश छोडनेके लिए तैयार नही था. वह ब्रॅटके सामने जाकर खडा हो गया,

'' ऑफीसर... मेरी तरफ देखो '' जाकोब उसके आंखोकी सामने अपना हाथ हिलाकर उसका ध्यान अपनी तरफ आकर्षीत करनेका प्रयास कर रहा था.

लेकिन कोई फायदा नही हो रहा था.

तभी इतने लोगोंमेंसे कोई एक अपनी तरफ देख रहा है ऐसा जाकोबके ध्यानमें आगया. वह एक बुढा था. वह सिर्फ उसकी तरफ देखही नही रहा था बल्की उसकी तरफ देखते हूए मंद मंद मुस्कुराभी रहा था.

'' तुम्हे कोईभी सुन नही पाएगा ... और देख भी नही पाएगा '' उस बुढेने जाकोबसे कहा.

स्टेलाने उत्सुकतावश उस बुढेकी तरफ देखते हूए पुछा, '' लेकिन क्यो?''

'' क्योंकी तुम एक अलग विश्वमें हो '' उस बुढेने कहा.

'' फिर आप कैसे हमें देख सकते हो और सुनभी सकते हो '' स्टेलाने पुछा.

उसपर उस बुढेने जोरसे ढहाका लगाया और कहा,

'' क्योंकी तूम मेरे विश्वमें हो... ... तूम, वह और मै एक अलगही विश्वमें पहूंच गए है ... या यूं कहीए हम मर चूके है ऐसा कहा तो भी चलेगा...... क्योंकी इन लोगोंकी दुनियाके लिए हम मरही चूके है ... कुछ लोग हम जैसोंको आत्मा कहते है तो कोई भूत.... लेकिन यह सच है की हम इन लोगोंको देख सकते है, सुन सकते है लेकिन वे हमे देखभी नही सकते और ना सुन सकते है ''

जाकोबने और स्टेलाने असाहयतावश अपने आसपास खडे लोगोंकी तरफ देखा. सचमुछ जाकोब और स्टेला उन्हे देख, सुन सकते थे लेकिन वे उन्हे देखभी नही सकते थे और सुनभी नही सकते थे.

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Re: उपन्यास - ब्लैकहोल (संपूर्ण)Black Hole - Hindi horror, N

Unread post by novel » 16 Aug 2015 11:33

Valuable thoughts -

My opinions may have changed, but not the fact that I'm right.

--- Ashleigh Brilliant


उन्हे कोई सुन नही सकता और देखभी नही सकता यह देखकर जाकोब मायूस हो गया था. वह स्टेलाके सामने जा खडा हो गया और हताशासे बोलने लगा -

'' मेरा संशोधन जहां तक डॉ. स्टिव्हन हॉल्स संशोधन करते हूए पहूंच गए थे और जहांसे आगे वह बढ नही पा रहे थे, वहां तक पहूंच गया था. ''

स्टेलाने जाकोबकी आंखोमें देखा. उसे अपने पतीके बारेमें गर्व महसूस हो रहा था.

'' सिर्फ कृत्रिम जग बनानाही काफी नही था ... तो औरभी बहुत कुछ बाकी और जरुरी था '' जाकोबने आगे कहा.

'' जैसे ?'' स्टेलाने पुछा.

'' जैसे ... जैसे उन्होने कृत्रिम जग बनाए थे... वैसेही कुछ सचमुछके जग का भी अस्तित्व होना चाहिए ''

'' हां ... तूमने मुझे यह पहलेभी एकबार बताया था '' स्टॆलाने कहा.

'' इसीलिए तो ... उस सचमुछके दुनियामें प्रवेश करनेका और वहांसे वापस आनेका कोई तो रास्ता होना चाहिए...वह रास्ता ढूंढनाभी इस संशोधनके एक हिस्सेके तौर पर उतनाही महत्वपुर्ण है ... अगर वह रास्ता नही मिला तो डॉ. स्टिव्हन हॉल्सने किए संशोधनका कोई मतलब नही बनता ... या यूं कहीए उसके सिवा यह संशोधन अधूरा है '' जाकोबने कहा.

अब वह बुढा आदमी उनके पास आकर उनके साथ शामील हो गया.

'' माय डियर... इस दुनियामें कुछभी अधुरा नही है ... हर एक चिजका उसका अपना एक अंत निर्धारीत किया हुवा है '' वह बुढा बोला.

जाकोब उस बुढेकी तरफ ध्यान ना देते हूए स्टेलाकी तरफ एकटक देखते हूए बोला,

'' लेकिन अब हम अपना संशोधन कैसे जारी रखेंगे ''

'' हां सचमुछ यह मुश्कील है ... अब फिलहाल हम कोई छोटी चिजभी पकड नही पा रहे है '' स्टेलाने कहा.

'' मेरे दोस्त ... अब तूम जहांभी हो ... वहां सब नियम अलग है ... यह पुरी तरह एक अलग दुनिया है '' उस बुढे ने कहा.

'' वह कुछभी हो ... एक बात तो तय है ... की वह संशोधन पूरा करनेके लिए हमें फिरसे वापस अपनी दुनियामें जाना चाहिए '' जाकोबने पक्के निर्धारके साथ कहा.

वह बुढा अब गुढतासे बोलने लगा था -

'' कोई एक ज्ञात अज्ञात ढूंढनेके लिए निकला

ढूंढेगा वह अज्ञात जी जानसे खेलकर फिरभी

दुनिया को वह कैसे बतायेगा अगर वह खुद अज्ञात हो चला''

'' वापस अपनी दुनियामें जाना ? ... माय डियर... बदकिस्मतीसे पहलेकी दुनियामें जाना मुझे तो मुमकिन नही लग रहा है '' वह बुढा बोला.

लेकिन अब जाकोबसे रहा नही गया, उसने पलटकर उस बुढेकी आंखोसे आंखे मिलाते हूए गुस्सेसे देखते हूए पुछा,

'' मुमकिन क्यो नही होगा ?''

'' क्योंकी ऐसा पहले ना कभी हुवा है ना भविष्यमें होगा ...'' उस बुढेने जवाब दिया.

जाकोबने ध्यानसे और उत्सुकतासे उस बुढेकी तरफ एकटक देखते हूए पुछा,

'' बाय द वे... आप कौन है ?... और आप हमारे पिछे क्यों लगे हो ?... मेहरबानी करके हमें हमारी स्थितीपर छोड दो '' जाकोबने झल्लाकर कहा.

'' मै डॉ. स्टिव्हन हॉल्स हूं '' उस बुढेने गुढतासे कहा.

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Re: उपन्यास - ब्लैकहोल (संपूर्ण)Black Hole - Hindi horror, N

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Famous proverbs -

If all pulled in one direction, the world would keel over.

--- Yiddish proverb


'' क्या आप डॉ. स्टिव्हन हॉल्स हो?'' जाकोबके मुंहसे आश्चर्यसे निकल गया.

इतनी देरसे उसके इर्दगिर्द घुम रहा बुढा मतलब कोई और ना होकर जिसने वह ब्लॅकहोल्स बनाए वह जेष्ठ संशोधक डॉ. स्टिव्हन हॉल्स है इसका जाकोबको आश्चर्य लग रहा था.

'' लेकिन आप ऐसे नकारात्मक बोलोगे इसकी उम्मीद नही थी ... आप एक संशोधक हो ... मुझे तो आपपर बहुत गर्व था... मुझे माफ करदो लेकिन ... आपके मुंहसे ऐसी नकारात्मक बाते शोभा नही देती ...'' जाकोबने कहा.

जाकोबको अबभी विश्वास नही हो रहा था की वह बुढा ही डॉ. स्टिव्हन हॉल्स होगा.

तभी जाकोबका ध्यान सुझान, डॅनियल, ब्रॅट और बाकी इकठ्ठा हूए पुलिस स्टाफकी तरफ गया. वे एक गृप बनाकर खडे थे.

जाकोबने उस गृपकी तरफ देखकर कहा, '' यह संशोधन आगेभी जारी रखनेके लिए कुछ तो रास्ता होगा .... मुझे कुछतो करनाही पडेगा ... क्योंकी मुझे मेरे अंदरका वैज्ञानिक चुप बैठने नही देगा ...''

'' तुम्हे लगता है मैने प्रयास नही किया होगा ?'' डॉ. स्टिव्हनने पुछा.

जाकोबने डॉ. स्टिव्हनकी तरफ देखा अनदेखा करते हूए वह उस गृप की तरफ बढने लगा जिसमें सुझान, डॅनियल और बाकि लोग खडे थे. उसने नजदिक जाकर देखा तो वे लोग इकठ्ठा होकर वहां जमिनपर कुछ पडा होगा उसकी तरफ गौरसे देख रहे थे. उस गृपकी तरफ बढते हूए जाकोबके चेहरेपर अब एक जितभरी मुस्कुराहट दिखने लगी. उसका चेहरा खुशीसे चमकने लगा. स्टेला जाकोबकी तरफ आश्चर्यसे देख रही थी. उसके मनमें क्या चल रहा होगा यह समझनेका वह प्रयास करने लगी.

तभी अचानक जोरसे चिल्लाकर डॉ. स्टिव्हनने जाकोबको हिदायत दी ,

'' जाकोब... रुको ... ऐसा मत करो ... वह खतरनाक है ''

शायद डॉ. स्टिव्हनको उसके मनमें क्या चल रहा है उसका अंदाजा हो गया था.

जाकोब रुकनेके लिए तैयार नही था. उसने डॉ. स्टिव्हनको कोई जवाब नही दिया. उनकी तरफ मुडकर देखते हूए वह सिर्फ अजिब तरहसे मुस्कुराया.

स्टेलातो कुछ समझ नही पा रही थी. वह संभ्रमसे कभी जाकोबकी तरफ तो कभी डॉ. स्टिव्हनकी तरफ देख रही थी. .

जाकोब उस इकठ्ठा हूए लोगोंके और करीब गया.

'' जाकोब रुको ...'' डॉ. स्टिव्हन फिरसे चिल्लाए.

लेकिन जाकोब रुकनेके लिए तैयार नही था. वह अब सुझानके पास गया.

जाकोबने फिरसे एकबार स्टेला और डॉ. स्टिव्हनकी तरफ देखा. वह अबभी उनकी तरफ देखकर मुस्कुरा रहा था.

स्टेलाको अबभी जाकोबके मनमे क्या चल रहा है और अब आगे वह क्या करने वाला है, कुछ समझमें नही आ रहा था. लेकिन डॉ. स्टिव्हनको शायद उसके मनमें क्या चल रहा है और अब आगे वह क्या करनेवाला है यह पता चल चूका था.

'' नही ऐसा मत करो .... उसकी जानको खतरा है '' डॉ. स्टिव्हनने जाकोबको फिरसे चेतावनी दी.

लेकिन वह सुननेके स्थितीमें नही था. एक पलकाभी समय ना गवाते हूए वह धीरे धीरे सुझानके शरीरमें प्रवेश करने लगा.

'' रुको जाकोब...'' डॉ. स्टिव्हनने आखरी बार चेतावनी दी.

लेकिन वह रुकनेके लिए तैयार नही था. वह अब पुरी तरहसे सुझानके शरीरमें प्रवेश कर चूका था.

सुझान, डॅनियल, ब्रॅट और बाकी पुलिस कर्मचारी इकठ्ठा खडे होकर जमीनपर पडे उस हिरेकी तरह चमक रहे पत्थरकी तरफ गौरसे देख रहे थे. तभी स्टेला वहां आ गई. उस गृपमें घुसकर उसने वह पत्थर उठानेकी कोशीश की. लेकिन वह पत्थर उसके हाथमें नही आ रहा था. उसका हाथ खोखला हो या फिर वह पत्थर खोखला हो इस तरह उसका हाथ उस पत्थरसे आरपार जा रहा था, लेकिन वह पत्थर उसके हाथमें नही आ रहा था. तभी सुझान सामने आ गई. उसकी हरकते अब धीमी हो गई थी. और वह सुस्त लग रही थी. उसने वह चमकिला पत्थर उठाया और वह उस पत्थरकी तरफ एकटक देखने लगी.